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Thursday, October 25, 2018

Karwa chauth katha aur karwa chauth subah muharat - करवाचौथ की कथा और करवाचौथ शुभ महूर्त

मेरी प्यारी सुहागन बहनों, कैसी हैं आप सब, उम्मीद करती हूँ अच्छी होंगी। Karwa chauth ka vart नज़दीक आ गया है इसलिए उम्मीद करती हूँ आप सभी ने भी व्रत की तयारी कर ली होगी। व्रत की तैयारी के साथ साथ क्या आपने जाना है की Karwa chauth का शुभ महूर्त कब है और क्या आपको Karwa chauth की कथा आती है, अगर नहीं पता तो कोई बात नहीं, इस बात की चिंता छोड़ दो अब, क्योकि आज की पोस्ट में आपको इसी बारे में बताने जा रही हूँ। तो चलिए जान लेते हैं karwa chauth katha aur karwa chauth subah muharat के बारे में।

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आप सभी जानते है कि Karwa chauth ka vart करने वाली सुहागन महिलाएं चौथ माता की कथा सुनती हैंं। हम आपको अवगत करवाते हैं कि Karwa chauth ka vart रखने वाली जो महिलाएं कथा-कहानियों को सुनकर अपना व्रत पूरा करती हैं उनको माता आर्शीवाद देती हैं। आज हम आपको Karwa chauth माता की प्रचलित कथा के बारें में बतायेंगे

चौथ माता की कथा  - (Karwa chauth katha aur karwa chauth subah muharat)

शास्त्रों में ऐसा माना जाता हैं कि एक समय की बात है कि एक गांव में करवा नाम की पतिव्रता स्त्री रहती थी। एक दिन करवा के पति नदी में स्नान करने गए। स्नान करते समय एक मगरमच्छ ने करवा के पति के पांव पकड़ लिए और नदी के अंदर खींचने लगा। प्राण पर आये संकट को देखकर करवा के पति ने करवा को पुकारना शुरू किया।

करवा दौड़कर नदी के तट पर पहुंची जहां मगरमच्छ उसके पति के प्राण लेने पर तुला था। करवा ने झट से एक कच्चे धागे से मगरमच्छ को बांध दिया और यमराज जी के पास पहुंची। यमराज जी से कहा कि मगरमच्छ ने मेरे पति का पैर पकड़ लिया है इसलिए उसे मेरे पति के पैर पकड़ने के अपराध में आप अपने बल से नरक में भेज दो। करवा की यह बात सुनकर यमराज ने कहा कि मैं ऐसा नहीं कर सकता क्योंकि मगरमच्‍छ की आयु अभी शेष है। इतना सुनते ही करवा माता गुस्से में आ गयी और यमराज से बोलने लगी कि अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो मैं आप को श्राप दें दूंगी।
करवा के ऐसे वचन सुनकर यमराज डर गए और करवा के साथ आकर मगरमच्छ को यमपुरी भेज दिया, जिससे करवा के पति को दीर्घायु का आशीर्वाद मिला। ऐसा करने से करवा के पति को लम्बी उम्र होने का आर्शीवाद मिला। इस कथा को सुनने के पश्चात सु​हागन महिलाएं Karwa chauth माता से अपने पति की लम्बी उम्र की कामना करती हैं।

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अबकी बार Karwa chauth ka vart 27 अक्टूबर यानी शनिवार के दिन आ रहा है। करवा चौथ पर सुहागनी महिलाएं 16 श्रंगार करती हैं और पति देव की लंबी आयु के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। ज्योतिष के अनुसार इस बार महिलाओं को व्रत का संपूर्ण फल प्राप्त होगा। क्योंकि बता दें Karwa chauth के दिन तीन शुभ योग बन रहे हैं, जो ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार शुभ माने जाते है, बता दें कि इस दिन शुभ योग बन रहा हैं सर्वप्रथम इस दिन गजकेसरी राजयोग बन रहा है जो अपने आप में ही बहुत फलदायक माना जाता है इसी पर सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग का बनना अद्भुद संयोग हो जाता है। कहा जाता है इन तीनो शुभ योगों में की गई पूजा अर्चना और व्रत का फल अधिक मिलता है। महान पंडित जी बताते है कि इससे पहले ऐसा अद्भुद संयोग 11 साल पहले 29 अक्टूबर 2007 में बना था।

करवा चौथ व्रत पूजा का शुभ मुहूर्त - (Karwa chauth katha aur karwa chauth subah muharat)

ज्योतिष के अनुसार इस व्रत का शुभ मुहूर्त 27 अक्टूबर 2018 को शनिवार शाम 6 बजकर 36 मिनट से 7 बजकर 54 मिनट तक रहेगा और इस दिन चंद्रोदय रात 8 बजकर 33 मिनट रहेगा।

चंद्रमा को अर्घ्य देकर चंद्रमा की पूजा की जाती है और पूजन के बाद मिट्टी के बने करवे में चावल, उड़द और सुहाग की सामग्री रखकर अपनी सास या सास की समकक्ष किसी सुहागिन महिला को यह करवा भेंट करनी चाहिए..

करवा चौथ की पूजा सामग्री: .

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  • मां पार्वती, भगवान शंकर और गणपति की एक फोटो.
  • मेहंदी
  • मिठाई
  • गंगा जल
  • चंदन
  • चावल
  • सिंदूर
  • महावर
  • कंघा
  • मेहंदी
  • चुनरी
  • बिंदी
  • कच्चा दूध
  • कुमकुम
  • अगरबत्ती
  • बिछुआ
  • चूड़ी
  • मिट्टी का टोंटीदार करवा और ढक्कन.
  • दीपक और बाती के लिए रूई.
  • गेंहू
  • शक्कर का बूरा
  • पानी का लोटा
  • गौरी बनाने के लिए पीली मिट्टी.
  • लकड़ी का आसन
  • छन्नी
  • आठ पूरियों की अठवारी.
  • हलवा और दक्षिणा के लिए पैसे.
  • शक्कर
  • शहद
  • पुष्प
  • शद्ध घी
  • दही
इस संपूर्ण सामग्री को व्रत के एक दिन पहले ही एकत्रित कर लेना है और ब्रह्म मुहूर्त में उठकर साफ और स्वच्छ कपड़े पहन लें और श्रृंगार भी कर लें. इस अवसर पर करवा की पूजा अराधना कर उसके साथ मां पार्वती और शिव की पूजा की जाती है. क्योंकि मां पार्वती ने कठिन तपस्या कर भगवान शंकर को प्राप्त किया था.Karwa chauth का धार्मिक और ज्योतिष दोनों दृष्टि से खास महत्व है..

Karwa chauth पूजा विधि :.

  • करवा चौथ के दिन सुबह-सुबह उठकर स्नान आदि करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें..
  • संकल्प लेने के लिए इस मंत्र का जाप करें.
  • '‘मम सुखसौभाग्य पुत्रपौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये कर्क चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये'.
  • घर के मंदिर की दीवार पर गेरू से फलक बनाएं और चावल को पीसकर उससे करवा का चित्र बनाएं. इस रीति को करवा धरना कहा जाता है। 
  • शाम को मां पार्वती और शिव की कोई ऐसी फोटो लकड़ी के आसन पर रखें, जिसमें भगवान गणेश मां पार्वती की गोद में बैठे हों। 
  • मां पार्वती को श्रृंगार सामग्री चढ़ाएं या उनका श्रृंगार करें।
  • इसके बाद मां पार्वती भगवान गणेश और शिव की अराधना करें। 
  • चंद्रोदय के बाद चांद की पूजा करें और अर्घ्य दें। 
  • इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर या निवाला खाकर अपना व्रत खोलें।
  • पूजन के बाद अपने सास ससूर और घर के बड़ों का आर्शीवाद जरूर लें। 
  • कोरे करवा में जल भरकर करवा चौथ व्रत कथा सुनें या पढ़ें। 

उम्मीद करती हूँ, आपको जानकारी पसंद आयी होगी, किसी भी प्रकार के सवाल और सुझाव के लिए आप हमे कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते है। हमसे जुड़े रहने के लिए आप सभी का धन्यवाद। इसी तरह की जानकारी के लिए हमारे ब्लॉग पर विजिट करते रहे।