Saturday, October 13, 2018

Gmail safety features - अपनी मेल की सुरक्षा के लिए जरूर पढ़े

Gmail Security features

दोस्तों   हाल ही में गूगल ने सुरक्षा को देखते हुए जीमेल में नया secuirty फीचर ऐड किया है।  गूगल यूजर्स के ईमेल को लेकर सिक्योरिटी के मामले में काफी सख्त नजर आ रही है। लेकिन अभी भी कुछ थर्ड पार्टी ऐप्स ऐसी हैं जो यूजर्स के जीमेल को एक्सेस कर सकती हैं। एक मीडिया रिपोर्ट की मानें तो गूगल अभी भी हजारों सॉफ्टवेयर मेकर्स को यूजर्स के जीमेल इनबॉक्स को स्कैन करने की इजाजत देता है जिससे यूजर्स को उनकी निजी जानकारी के आधार पर बेहतर विज्ञापन उपलब्ध कराए जा सकें। ऐसे में अगर आप नहीं चाहते कि आपकी निजी जानकारी कोई थर्ड पार्टी एक्सेस करें तो आप नीच दिए स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।

gmail account saftey features
Gmal safety features


इस तरह रीमूव करें थर्ड पार्टी एक्सेस:  

  • सबसे पहले आपको गूगल सिक्योरिटी चेक-अप पेज https://myaccount.google.com/security-checkup/3 पर जाना होगा। 
  • यहां आपको बताया जाएगा कि हाल ही में आपने किस डिवाइस से अपना गूगल अकाउंट लॉगइन किया है। इसके अलावा यह भी बताया जाएगा कि कौन-सी थर्ड पार्टी ऐप्स को आपके अकाउंट का एक्सेस है। 
  • पेज को स्क्रॉल डाउन करने पर आपको Third-party get to का विकल्प दिखाई देगा। जैसे ही आप इस पर क्लिक करेंगे आपको सभी थर्ड पार्टी ऐप्स की जानकारी मिल जाएगी जो आपके डाटा को एक्सेस कर सकते हैं। 
  • अगर आप इन्हें रीमूव करना चाहते हैं तो ऐप के सामने दिए गए Remove Access पर क्लिक कर दें। 
  • इसके अलावा आपने जिन-जिन डिवाइसेस से अपना अकाउंट लॉगइन किया होगा उसका एक्सेस भी आप यहां से हटा सकते हैं। इसके लिए आपको Your Devices पर क्लिक करना होगा। 
  • इससे पहले एक और खबर सामने आई थी जिसमें बताया गया था कि अगर यूजर किसी भी गूगल सर्विस में लॉगइन करते हैं तो आप क्रोम ब्राउजर में ऑटोमैटिकली लॉगइन हो जाएंगे। 

Gmail Safety Features

गूगल ने हाल ही में Chrome 69 लॉन्च किया था। इसे बेहतर डिजाइन के साथ पेश किया गया था। इसके नए लुक में टैब्स के राउंड एज दिए गए हैं। यह पहले से काफी तेज हैं साथ ही ये याद दिलाते हैं कि वेबसाइट्स पर पासवर्ड को दोहराना नहीं चाहिए। सभी नए फीचर्स के साथ Chrome 69 में एक नया फीचर भी दिया गया है, जिसके तहत आप अगर किसी भी गूगल सर्विस में लॉगइन करते हैं तो आप क्रोम ब्राउजर में ऑटोमैटिकली लॉगइन हो जाएंगे। यह यूजर्स की सिक्योरिटी के लिए बहुत बड़ा खतरा साबित हो सकता है।


दोस्तों जानकारी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपने सुझाव और सवाल कर सकते है। जानकारी अच्छी लगी तो प्लीज शेयर करना न भूलें। हमारे ब्लॉग के सभी पाठको को धन्यवाद। 

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