Saturday, October 20, 2018

Ayruvedic dwaiyan jo bachho ke liye hanikark hai - भूलकर भी न दें बच्चों को ये आयुर्वेदिक द्वाईयाँ

 हेलो दोस्तों कैसे है आप सब, उम्मीद करता हूँ आप सब अच्छे होंगे। आज की पोस्ट में मैं आपको कुछ ऐसा बताने वाली हूँ जो बच्चों के स्वास्थय के लिए जानना बहुत जरुरी है। क्योकि आपको ये जरूर पता होना चाइये की बच्चो के लिए क्या सही और क्या गलत। ये जानकारी बच्चो के साथ गर्भवती औरत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योकि अक्सर हम देखते है  की हमारे घर में जब कोई बच्चा या गर्भवती बीमार होता है तो हम उसके उपचार में लग जाते है और ना जाने क्या क्या घरेलू उपचार करना शुरू कर देते हैं लकिन ऐसा करना बिल्क़ुल भी उचित नहीं है। बच्चे हो या गर्भवती महिलाएं बिना डॉक्टर के परामर्श के इन्हें दवा देना खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार छोटी मोटी बीमारियों के लिए हम घर पर ही इलाज करना बेहतर समझ लेते हैं। ख़ास तौर पर जब बात बच्चों की होती है तो हम आयुर्वेदिक दवाइयों पर भरोसा कर लेते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि इन आयुर्वेदिक दवाइयों पर भी भरोसा करना किस हद तक सही है और क्या यह पूरी तरह से हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित होता है। आज हम आपको कुछ  "ayruvedic dwaiyan jo bachho ke liye hanikark hai" । आइए जानते हैं उन दवाइयों के बारे में।

bachho ko ye ayurvedic dwaiyan kabhi na den

आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात, पित्‍त और कफ जैसे तीन मूल तत्व होते हैं जब भी इनका संतुलन बिगड़ता है तो हमें बीमारियां घेर लेती हैं इसलिए आयुर्वेद में इन्हीं तीनों तत्वों का संतुलन बनाया जाता है। आयुर्वेद न केवल हमें रोगों से मुक्ति दिलाता है बल्कि हमें सही ढंग से जीवन जीने का तरीका भी सिखाता है। आयुर्वेद के आठ अंगों में से बाल तंत्र और कौमारभृत्य बच्चों से संबंधित है जिसमें नन्हे और नवजात शिशुओं की देखभाल के बारे में बताया गया है। बड़ों के मुक़ाबले बच्चों में दवाइयों का रिएक्शन होने की ज़्यादा संभावना होती है। आयुर्वेद के गुणों को किसी भी प्रकार से नकारा नहीं जा सकता है। इसमें कई बड़े रोगों को ठीक करने की क्षमता है। इनमें से कई दवाइयां बच्चों के लिए बहुत ही फायदेमंद और असरदार होती है लेकिन कुछ ऐसी आयुर्वेदिक दवाइयां भी हैं जो आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

1. स्नुही
2. जयपला 
3. विषमुष्टि/तिन्दुक/लकुच
4. दन्ती
5. अहिफेन 
6. पारसीक यवानी
7. सर्पविष 
8. करवीर
9. धतूरा
10. अर्क 
11. वत्सनाभ
12.भल्लातक  
13. भांग 
14.  गुंजा
15. लांगली
16. श्रिंगीविश 

कुछ आयुर्वेदिक दवाएं होती हैं जिनमें बहुत ही कम मात्रा में उच्च धातु के तत्व पाए जाते हैं। हालांकि वे ज़हरीले नहीं होते हैं, मगर इनका उपयोग शुद्धिकरण के बाद ही किया जाता है। ऐसी दवाइयों का उपयोग करने से बचना ही अच्छा है।

1. पारद: मरकरी
2. तुत्थ: कॉपर सल्फेट 
3. गिरि सिंदूर: पारा के लाल ऑक्साइड 
4. कर्पूर रस: यह संग्राहक तथा निद्राप्रदायक दवा है
5. हरताल: यह एक खनिज द्रव्य है 
6. मकरध्वज: यह शुद्ध पारा, सल्फर और सोने से बना एक उत्पाद है 
7. गौरीपाषाण: आर्सेनिक, आर्सेनिक ऑक्साइड
8. हिंगुल: हिंगुल एक लाल रंग का खनिज पदार्थ होता है यह गर्म और रुखा होता है 
9. रास सिन्दूर: पारे और गंधक के योग से बनाया जानेवाला एक प्रकार का रस 
10. मनशिला: आर्सेनिक का सल्फाइड है आयुर्वेद में मनशिला का आंतरिक प्रयोग केवल शोधन के बाद ही किया जाता है शोधन के बाद ही इसे शुद्ध माना जाता है। 

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